आदित्यपुर में पूर्वी आयरन कंपनी के मजदूर की संदिग्ध मौत
मुआवज़े को लेकर बवाल, श्रमिक संगठनों ने दी चेतावनी

आदित्यपुर स्थित पूर्वी आयरन कंपनी में काम करने के दौरान एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में ग़ुस्सा फैल गया और साथी मजदूरों के साथ स्थानीय श्रमिक संगठनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठनों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवज़ा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
परिजनों का आरोप – रुपये में सौदेबाज़ी मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रदीप नामक व्यक्ति ने कंपनी प्रबंधन से मिलकर सौदेबाजी हुई और फिर उनसे कंपनी प्रबंधक ने जबरन सिग्नेचर करवाया गया।
यह बात सामने आने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और पूरे मामले को सार्वजनिक किया। परिजनों ने इस संबंध में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय संगठन मंत्री सह मजदूर नेता संजय गोराई को लिखित आवेदन सौंपा। शिकायत मिलते ही गोराई तुरंत हॉस्पिटल पहुंचे और मृतक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मौके पर ही जांच की तो यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत से जबरन परिजनों से कागज़ात पर हस्ताक्षर करवाए गए।
कंपनी का रवैया – शव जबरन सौंपा, मोबाइल भी छीने गए संजय गोराई ने कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट कहा कि मृतक परिवार को उचित मुआवज़ा दिया जाए। लेकिन कंपनी ने इस पर सहमति नहीं जताई। उल्टा, कंपनी प्रबंधन ने शव को एंबुलेंस में रखकर जबरन परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल फोन तक छीन लिए गए, ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे हजारों मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक नेताओं का कहना है कि कंपनियां मुनाफ़े के लिए मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी करती हैं और जब हादसा हो जाता है, तो उचित मुआवज़ा और न्याय देने से बचती हैं।
मामले पर बयान देते हुए संजय गोराई ने कहा –“मजदूरों की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मृतक परिवार को न्याय और उचित मुआवज़ा न मिलने पर JLKM सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा।”
परिजनों की मांगे
परिवार को कम से कम 15 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए।
परिवार के एक सदस्य को कंपनी में नौकरी दी जाए।
जबरन सिग्नेचर करवाने वालों और रुपये लेने वालों की जांच कर सख़्त कार्रवाई की जाए।




