
सरायकेला:सरायकेला थाना अंतर्गत खाखड़ा गांव में 6 दिवसीय मेला तड़का दहन के साथ समापन हो गया। मकर संक्रांति के दिन से मां गंगा की पूजा अर्चना के साथ शुरू होने वाली ये मेला तकरीबन एक सप्ताह तक चलती है, जो की आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण है।
ये मेला तकरीबन आज 57 साल पहले शुरुआत हुई थी जो कि सरायकेला जिला का सबसे पुराना और लोकप्रिय मेला है।
मेला का आनंद लेने के लिए पूरे कोल्हान प्रमंडल से लोग आते हैं जिससे ये पता चलता है कि ये मेला शांति और सौहार्द का सबसे बड़ा प्रमाण है।
यह मनोरंजन वाली पर्व नहीं बल्कि एक परिवार को मिलने और रिश्ते को जोड़ कर रखने वाली परंपरा है जो कि सदियों से मेले के रूप में चलती आ रही है।
इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए खरसावां विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रत्याशी सोनाराम बोदरा ने कहा
यह मेला नहीं बल्कि सदियों पुरानी विरासत है जो अभी तक चलती आ रही है, जिसके चलते हमारी आपसी भाईचारा बढ़ रही है।
विधायक प्रत्याशी ने कहा हमारे समाज और संस्कृति हमारा असली पहचान है।
और इसे हमें बचाने की आवश्यकता है चाहे हम कितने भी बड़े जनप्रतिनिधि क्यों ना बन जाएं, हमेशा जमीन से जुड़े हुए और अपने परंपरा से जुड़े हुए रहने की आवश्यकता है।
इस इस दौरान कांकड़ा पंचायत मुखिया मीना देवी उपस्थित रही और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामना देते हुए इस त्यौहार को आजीवन करने की बात कही।




