वार्ड नंबर 29 में ख़वातीन क़ियादत की एंट्री से बदला इंतिख़ाबी मंजरनामा
फरहाना खातून की दावेदारी से बढ़ी सियासी गर्मी

झारखंड में मुनअक़िद होने वाले निकाय इंतिख़ाबात जैसे-जैसे क़रीब आ रहे हैं, मानगो नगर निगम के इलाक़े में सियासी सरगर्मियां तेज़ होती जा रही हैं। ख़ास तौर पर मानगो नगर निगम के वार्ड नंबर 29 में इन दिनों सियासी गुफ़्तगू का माहौल बना हुआ है, जहां से फरहाना खातून ने पार्षद के ओहदे के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। उनके मैदान-ए-सियासत में उतरने के साथ ही वार्ड में इंतिख़ाबी मंजरनामा बदलता नज़र आ रहा है।
वार्ड नंबर 29 को मानगो नगर निगम का एक अहम और सियासी तौर पर बेदार इलाक़ा माना जाता है। यहां की अवाम हर इंतिख़ाब में अपने रोज़मर्रा के मसाइल—जैसे साफ़-सफ़ाई, पानी, नालियों की बदहाली, सड़कों की ख़राब हालत और बिजली—को सबसे ज़्यादा अहमियत देती आई है। ऐसे में फरहाना खातून की सियासत में एंट्री को महज़ एक दावेदारी नहीं, बल्कि इंतिख़ाबी समीकरण बदलने वाली पेशक़दमी के तौर पर देखा जा रहा है।
फरहाना खातून लंबे अरसे से समाजी सरगर्मियों से जुड़ी रही हैं और औरतों, नौजवानों और बुज़ुर्गों के बीच उनकी मौजूदगी लगातार बनी रही है। वे ख़ास तौर पर ख़वातीन से जुड़े मसाइल—सेहत, तालीम, हिफ़ाज़त और ख़ुदमुख़्तारी—को लेकर मुख़रिब नहीं, बल्कि मुख़ातिब अंदाज़ में अवाम से जुड़ी रही हैं।

फरहाना खातून के शौहर मोहम्मद फैयाज आलम हैं, जो आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम के ज़िला उपाध्यक्ष (पूर्वी सिंहभूम) हैं। मोहम्मद फैयाज आलम वार्ड और आसपास के इलाक़ों में अवाम के मसाइल को लेकर हमेशा मैदान में नज़र आते रहे हैं। साफ़-सफ़ाई से लेकर पानी, नाली, सड़क, बिजली, राशन कार्ड, पेंशन और दूसरे बुनियादी मसाइल पर वे लगातार नगर निगम और प्रशासन से रूबरू होकर हल निकलवाने की कोशिश करते रहे हैं।
इलाक़े के लोगों का कहना है कि मोहम्मद फैयाज आलम ने ज़मीनी सतह पर रहकर काम किया है और यही वजह है कि अवाम के बीच उनकी पहचान एक सरगर्म और संघर्षशील समाजी शख़्सियत के तौर पर है। इसी समाजी और सियासी सरगर्मियों का असर फरहाना खातून की दावेदारी पर भी साफ़ तौर पर देखा जा रहा है।
सियासी मुबज्ज़िरों का मानना है कि इस मर्तबा वार्ड नंबर 29 में ख़वातीन उम्मीदवार की मज़बूत मौजूदगी इंतिख़ाब को और दिलचस्प बना देगी। फरहाना खातून इंतिख़ाबी मुहिम में साफ़-सफ़ाई, बेहतर बुनियादी सहूलतें, ख़वातीन की हिस्सेदारी और नौजवानों के लिए मौक़ों को अपनी अव्वलीन तरजीह बनाने की बात कह रही हैं।
फरहाना खातून की दावेदारी सामने आने के बाद दूसरे मुमकिन उम्मीदवारों और सियासी जमाअतों में भी सरगर्मी तेज़ हो गई है। अलग-अलग सियासी दल अपनी-अपनी हिकमत-ए-अमली तैयार कर रहे हैं और वार्ड में बैठकें, जनसंपर्क और इंतिख़ाबी मुहिम का सिलसिला शुरू हो चुका है।
मानगो नगर निगम के वार्ड नंबर 29 में इस बार का पार्षद इंतिख़ाब सिर्फ़ जीत-हार का सवाल नहीं रहेगा, बल्कि यह ख़वातीन क़ियादत, ज़मीनी काम और अवाम के मसाइल के इर्द-गिर्द घूमने वाला एक अहम मुकाबला साबित हो सकता है। फरहाना खातून की दावेदारी ने इस इंतिख़ाबी माहौल को नई सिम्त और नई बहस ज़रूर दे दी है।




