
सरायकेला। राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के 15 सदस्यीय कलाकारों का दल मां उग्रतारा महोत्सव, सहरसा (बिहार) के लिए रवाना हुआ। इस दौरान सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी और सचिव भोला मोहंती ने दल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छऊ नृत्य केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर इस कला को और समृद्ध बनाने की जरूरत है।
दल का नेतृत्व ग्रुप लीडर एवं केंद्र के समन्वयक संदीप कवि कर रहे हैं। कलाकार वहां चंद्रभागा और माटी का मानुष नृत्य की छऊ प्रस्तुति देंगे। यह कार्यक्रम सहरसा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित उग्रतारा महर्षि महोत्सव में प्रस्तुत किया जाएगा। 15 सदस्यीय दल में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी गुरु ब्रजेन्द्र पटनायक, गुरु सुधांशु शेखर पानी, निवारण महतो, सिद्धेश्वर दरोगा, विनोद प्रधान, कुना सामल, मिहिर लाल महतो, राकेश कवि, पंकज साहू, सनत साहू, पारस पाथाल, देवनारायण सिंह समेत अन्य कलाकार शामिल हैं। छऊ कला सरायकेला की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है। यह परंपरागत नृत्य न केवल स्थानीय स्तर पर पहचान बनाए हुए है, बल्कि कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और संस्कृति को जीवंत रखने का अवसर भी दे
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