झारखंड निकाय चुनाव: ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट सौंपने के बाद चुनाव की राह साफ
जनवरी 2026 में हो सकते हैं चुनाव

रांची : झारखंड में लंबे समय से अटके निकाय चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पिछड़ा वर्ग के लिए राज्य आयोग ने ट्रिपल टेस्ट की फाइनल रिपोर्ट नगर विकास विभाग को सौंप दी है। आयोग के सदस्य नंदकिशोर मेहता ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर अलका तिवारी की नियुक्ति भी हो गई है।

जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच राज्य में नगर निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं। फिलहाल रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा कार्मिक, विधि एवं वित्त विभाग द्वारा की जाएगी। इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी जाएगी। निर्वाचन आयोग मतदाता सूची जारी कर आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करेगा। माना जा रहा है कि नवंबर मध्य तक सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

निकाय चुनाव से पहले राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सभी 48 नगर निकायों में डोर-टू-डोर सर्वे कराया था। रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी संत जेवियर कॉलेज को दी गई थी, जिसने 21 अगस्त को आयोग को अंतिम रिपोर्ट सौंप दी थी। इसमें निकायवार पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग मतदाताओं का विस्तृत विवरण शामिल है।

वहीं राज्य सरकार के पास मार्च 2026 तक चुनाव कराने की अंतिम डेडलाइन है। अगर तय समय तक चुनाव नहीं कराए गए तो झारखंड को करीब 2000 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि से हाथ धोना पड़ सकता है। वित्त आयोग ने साफ किया है कि चुनाव समय पर होने पर ही रोकी गई अनुदान राशि जारी की जाएगी।



