सराइकेला

गम्हरिया में टाटा स्टील फाउंडेशन के फंक्शनल लिटरेसी प्रोग्राम से जुड़ी लगभग 500 महिलाओं को साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सरना उमूल हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को साक्षरता के साथ-साथ वित्तीय जागरूकता और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब अपने परिवार के निर्णयों में भी सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अभिनव प्रकाश ने कहा कि

“शिक्षा व्यक्ति के जीवन में नई संभावनाओं का द्वार खोलती है।”

उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सीखने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखें और डिजिटल माध्यमों से भी ज्ञान प्राप्त करें, ताकि वे समय के साथ आगे बढ़ सकें।

विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार (ईएस एंड सीआर, टीएसजी, टीजीएस) ने कहा कि

“शिक्षा समाज को बदलने की सबसे बड़ी ताकत है और इससे ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है।”

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारी सत्यनारायण नन्दा ने बताया कि यह पहल खासकर कमजोर समुदायों की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, ताकि वे साक्षर होकर अपने जीवन और परिवार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम के दौरान फंक्शनल लिटरेसी प्रोग्राम के इस बैच की सर्वश्रेष्ठ छात्रा के रूप में कल्पना पात्रों को सम्मानित किया गया। उन्हें उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, नियमित उपस्थिति और सीखने के प्रति समर्पण के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

इस अवसर पर टीजीएस के जीएम शरद शर्मा, हेड सीएसआई (पिलेट प्लांट) रविन्द्रन ठाकुर, एरिया मैनेजर महेन्द्र सिंह सहित कई पंचायतों के मुखिया और गणमान्य लोग उपस्थित थे

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