
नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच रविन्द्र बास्के मेयर पद के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। शहर के साथ-साथ गांवों में भी उनके पक्ष में माहौल तेजी से बनता दिख रहा है। लगातार जनसंपर्क अभियान और घर-घर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनने की पहल का असर साफ नजर आ रहा है।

खास बात यह है कि गांव के लोग बड़ी संख्या में खुलकर समर्थन कर रहे हैं। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों का भरोसा रविन्द्र बास्के के साथ जुड़ता जा रहा है। हर चौक-चौराहे पर उनके समर्थन में चर्चा हो रही है, जिससे चुनावी समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं।
रविन्द्र बास्के का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि शहर और गांव दोनों का समान विकास करना है। सड़क, पानी, सफाई और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने का उन्होंने भरोसा दिलाया है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो बढ़ता जनसमर्थन उन्हें मेयर की दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर रहा है।




