
वार्ड संख्या 2 में चुनावी मुकाबला अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। महिला प्रत्याशी फूलकी महतो के मैदान में उतरते ही वार्ड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनकी दावेदारी ने बाकी सभी प्रत्याशियों की रणनीति बिगाड़ दी है।

स्थानीय जनता के बीच फूलकी महतो की मजबूत पकड़, बेबाक अंदाज़ और जमीनी जुड़ाव की चर्चा जोरों पर है। लोगों का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ वादों का नहीं, बल्कि काम और भरोसे का इम्तिहान है—और इस कसौटी पर फूलकी महतो खरी उतरती दिख रही हैं।
फूलकी महतो ने साफ शब्दों में कहा है कि
“यह चुनाव कुर्सी का नहीं, वार्ड 2 की तस्वीर बदलने का है।”
उनकी सक्रियता और जनसंपर्क से साफ है कि यह मुकाबला अब एकतरफा नहीं रहने वाला, बल्कि कई प्रत्याशियों के लिए कड़ी चुनौती बन चुका है। महिलाओं, युवाओं और आम मतदाताओं का बढ़ता समर्थन यह संकेत दे रहा है कि वार्ड 2 में बदलाव की बयार चल पड़ी है।
अब सवाल यह नहीं कि कौन खड़ा है,
सवाल यह है कि जनता किस पर मुहर लगाएगी।



