
सरायकेला-खरसावां। गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही और अमर्यादित व्यवहार को लेकर चर्चा में है। रविवार को अपनी पत्नी का इलाज कराने पहुंचे समीर कुमार ने गंभीर आरोप लगाया कि उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार समीर कुमार ने बताया कि लगभग दोपहर 2:30 बजे डॉ. बसंत कुमार अस्पताल पहुंचे। जब उन्होंने देर से आने का कारण पूछा तो डॉक्टर नशे की हालत में भड़क गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बोले— “क्या कोई हगने-मूतने भी नहीं जाएगा?”। इतना ही नहीं, शिकायत की चेतावनी पर डॉक्टर ने जवाब दिया— “जाओ जहां करना है कर दो, कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

इस व्यवहार से समीर कुमार की पत्नी भयभीत हो गईं और बिना इलाज कराए ही लौट गईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉ. बसंत कुमार अक्सर शराब के नशे में मरीजों को देखते हैं। इससे खासकर महिला मरीज इलाज कराने से कतराने लगी हैं।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि मरीजों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके।




