
बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने बुधवार को जिला एनकोर्ड समिति की बैठक में कहा कि नशा मुक्ति केवल प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से स्वयं पहल कर अपने–अपने कार्यालयों को नशा मुक्त घोषित करने की अपील की।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगले माह तक सभी जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय कार्यालय प्रमुख नशा मुक्त कार्यालय का प्रमाण पत्र जारी करें। उन्होंने कहा कि कार्यालय जनता की सेवा का मंदिर है, यहां का माहौल अनुशासित और सकारात्मक रहना चाहिए।
औचक जांच में होगी सख्ती
निर्देश दिया गया कि यदि औचक जांच में कोई कर्मचारी नशे की हालत में पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी के साथ-साथ कार्यालय प्रधान पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता अभियान गांव–गांव तक
बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम गांव–गांव और विद्यालय–विद्यालय तक चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
“नशा मुक्त बोकारो” की पहचान
जनसंपर्क विभाग को सभी विभागों के समन्वय से “नशा मुक्त बोकारो” का डिजाइन तैयार करने का आदेश दिया गया है। इसे हर कार्यालय और सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शित किया जाएगा ताकि जिले की नशामुक्त पहचान बन सके।
गतिविधियां होंगी पोर्टल पर अपलोड
सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि नशा मुक्ति से जुड़ी गतिविधियों को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे जनता प्रशासन के प्रयासों से अवगत हो सके।

आने वाली पीढ़ियों के लिए तोहफा
उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्ति केवल नियम पालन नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा तोहफा है। नशामुक्त कार्यालय समाज में सकारात्मक संदेश देंगे।
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, चास एसडीओ प्रांजल ढ़ांडा, बेरमो एसडीओ मुकेश मछुआ, सीटी डीएसपी आलोक रंजन, चास एसडीपीओ प्रवीण कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगर्नाथ लोहरा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।




