
आदित्यपुर : नगर निगम क्षेत्र में इस बार मेयर चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग चुका है। गलियों से लेकर चौक-चौराहों तक सिर्फ एक ही चर्चा है — मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहे संजय सरदार। शहर के अलग-अलग वार्डों में चल रहे जनसंपर्क अभियान और सभाओं में उमड़ रही भीड़ यह संकेत दे रही है कि उनके पक्ष में एक स्पष्ट जनलहर बनती दिखाई दे रही है।

संजय सरदार ने अपने प्रचार अभियान को विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी के मुद्दों पर केंद्रित किया है। वे लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पेयजल समस्या का स्थायी समाधान, बेहतर सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
हाल के दिनों में विभिन्न मोहल्लों और बस्तियों में आयोजित बैठकों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हो रहे हैं। महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय मानी जा रही है। युवा वर्ग भी सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर समर्थन जुटा रहा है। समर्थकों का कहना है कि संजय सरदार एक ऐसे नेतृत्व के रूप में सामने आए हैं जो जमीन से जुड़ा हुआ है और जनता की समस्याओं को समझता है।
चुनावी माहौल में एक नारा तेजी से लोकप्रिय हो रहा है —
“कमल ही बाल्टी है, बाल्टी ही कमल है”
यह स्लोगन समर्थकों के बीच एकता और विश्वास का प्रतीक बन गया है। दीवार लेखन, पोस्टर और जनसभाओं में यह नारा गूंज रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा माहौल में संजय सरदार की स्थिति काफी मजबूत दिख रही है। यदि यही जनसमर्थन मतदान के दिन तक कायम रहा, तो परिणाम उनके पक्ष में जा सकता है। हालांकि चुनावी मुकाबला अंतिम क्षण तक रोचक बना रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल नगर निगम क्षेत्र में एक बात साफ नजर आ रही है — मेयर चुनाव अब केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के भविष्य और विकास की दिशा तय करने वाला अहम अवसर बन चुका है। आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होंगी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में संजय सरदार को एक मजबूत और प्रभावशाली दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।




