गरीब और आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए कोवाली में बनेगा छात्रावास
70 लाख की लागत से होगा निर्माण

पूर्वी सिंहभूम पोटका। गरीब और आदिवासी बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कोवाली में छात्रावास का निर्माण शुरू किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 70 लाख रुपये है।छात्रावास निर्माण की शुरुआत भूमि पूजन कार्यक्रम के साथ हुई, जिसमें मंत्रोच्चारण के बीच नींव रखी गई। इस नवनिर्माण अभियान को मुख्य दानकर्ता निकुंजभाई वालजीभाई वघासीया और सूरत (गुजरात) के काशीवा हरिभाई गोटी चेरिटेबल ट्रस्ट का सहयोग प्राप्त हुआ है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धनजी भाई वनानी (सूरत, गुजरात) ने कहा— “हमारा उद्देश्य गरीब और आदिवासी बहुल क्षेत्र में शिक्षा का विकास करना है। इसी सोच के तहत कोवाली में छात्रावास निर्माण का निर्णय लिया गया है।”इस अवसर पर प्रांतीय समिति सदस्य अरविंद सिंह, संकुल प्रमुख रंजय राय, विभाग प्रमुख तुलसी प्रसाद ठाकुर, सह प्रमुख व्रेन कुमार टुडू, अभियंता राकेश कुमार, प्रबंधन समिति अध्यक्ष जयहरी सिंह मुण्डा, सचिव दिनेश कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष विवेकानंद साव, सह सचिव उज्ज्वल कुमार मंडल, कोषाध्यक्ष जितेन कुमार सिंह देव, संरक्षक आशुतोष मंडल, सदस्य हीरामणि वास्के, शांति मंडल, रंजीत सरदार, अभिभावक प्रतिनिधि नवीन कुमार भगत, समाजसेवी मनोज सरदार, प्रधानाचार्य सविता महतो सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और आचार्यगण उपस्थित थे।विद्यालय प्रशासन और दानदाताओं का मानना है कि इस छात्रावास के निर्माण से गरीब और आदिवासी बच्चों को सुरक्षित आवास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी,




