स्वदेशी मेले में “आत्मनिर्भर भारत का आधार — उद्यमिता” पर संगोष्ठी का आयोजन, युवाओं को मिला नया संदेश

स्वदेशी मेले में “आत्मनिर्भर भारत का आधार — उद्यमिता” पर संगोष्ठी का आयोजन, युवाओं को मिला नया संदेश
जमशेदपुर | बिष्टुपुर, गोपाल मैदान से रिपोर्ट
स्वदेशी मेले के सभागार में रविवार को “आत्मनिर्भर भारत का आधार — उद्यमिता” एवं “सतत विकास और पर्यावरण” विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आर.एस.बी. ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री एस.के. बेहेरा, सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह, अरका जैन विश्वविद्यालय के निदेशक श्री अमित श्रीवास्तव, श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस.एन. सिंह, स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय परिषद सदस्य श्री मनोज कुमार सिंह, पर्यावरणविद् कविता परमार, स्वदेशी मेला के सह संयोजक श्री अमिताभ सेनापति, और स्वावलंबी भारत के जिला सह संयोजक श्री अमरेश झा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण कर किया गया।

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💬 “आत्मनिर्भर भारत एक राष्ट्रीय संकल्प है” — एस.के. बेहेरा
मुख्य अतिथि श्री एस.के. बेहेरा ने कहा कि —
> “आत्मनिर्भर भारत का अर्थ है ऐसा भारत जो अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर सके।
उद्यमिता ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को अपने विचारों को उद्योग के रूप में साकार करने की प्रेरणा देती है।
एक सफल उद्यमी न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनता है, बल्कि सैकड़ों लोगों को रोजगार देकर देश की दिशा बदल देता है।”
उन्होंने कहा कि “हमें ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाकर स्वदेशी उत्पादों को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। आत्मनिर्भर भारत केवल एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय संकल्प है।”
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🧭 उद्यमिता से बनेगा सशक्त भारत
विशिष्ट अतिथि श्री प्रभाकर सिंह, श्री अमित श्रीवास्तव और प्रो. (डॉ.) एस.एन. सिंह ने कहा —
“भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर है। युवा शक्ति, तकनीकी प्रगति और नवाचार के मेल से देश विकास के नए युग में प्रवेश कर सकता है।
उद्यमिता आर्थिक विकास की रीढ़ है, जो बेरोजगारी को कम कर एक सशक्त और स्थायी अर्थव्यवस्था की नींव रखती है।”
“विकसित भारत की यात्रा सामूहिक प्रयासों से संभव” — मनोज कुमार सिंह
मुख्य वक्ता श्री मनोज कुमार सिंह (स्वदेशी जागरण मंच) ने कहा —
> “विकसित भारत की यात्रा सामूहिक प्रयास से ही संभव है।
उद्यमिता वह सेतु है जो सपनों को हकीकत में बदल सकता है।
हमें नवाचार, लचीलापन और आत्मनिर्भरता की संस्कृति को अपनाकर ऐसा भारत बनाना है जहाँ हर व्यक्ति को नेतृत्व और नवाचार का अवसर मिले।”
🏛️ सरकारी योजनाएँ दे रही हैं नई दिशा — अमिताभ सेनापति
कार्यक्रम संयोजक श्री अमिताभ सेनापति ने कहा कि —
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी कई योजनाएँ शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।”
🎓 सैकड़ों विद्यार्थी एवं शिक्षकों की भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अमलेश झा (जिला सह-समन्वयक, स्वावलंबी भारत अभियान) ने की,
संचालन प्रो. प्रतिभा रानी मिश्रा (एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर, G.I.I.T कॉलेज) ने किया
और धन्यवाद ज्ञापन नीतीश मोनी तिवारी ने दिया।

संगोष्ठी में कोल्हान विश्वविद्यालय, अरका जैन विश्वविद्यालय, श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर वूमेन्स यूनिवर्सिटी, ए.बी.एम कॉलेज, वर्कर्स कॉलेज, एल.वी.एस.एम कॉलेज, एन.टी.टी.एफ, आई.डी.टी.आर, रंभा कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल हुए।

🎭 सांस्कृतिक संध्या में झलका लोकनृत्य का रंग
सांस्कृतिक संध्या में शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी विकास सिंह एवं स्मिता परीख मुख्य अतिथि रहीं।
उन्होंने 16 राज्यों के पारंपरिक लोकनृत्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया,
जहाँ कलाकारों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।




