बप्पा को घर लाने समय भूल कर भी ना करें यह गलती, वरना रूठ सकते हैं विघ्नहर्ता
जानिए गणेश पूजन में किन चीजों को करने की है मनाही

रांची। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला गणेश चतुर्थी का पर्व इस वर्ष 27 अगस्त, बुधवार को पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 27 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। इस बार गणेश चतुर्थी के दिन बुध-चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसे बेहद शुभ माना जा रहा है। वहीं गणपति विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन 6 सितंबर, शनिवार को किया जाएगा।
🌸 पूजा व स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंडितों के अनुसार गणेश पूजन का सबसे शुभ समय सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक रहेगा। वहीं चौघड़िया मुहूर्त में सुबह 7:33 से 9:09 बजे तक अमृत चौघड़िया और सुबह 10:46 से 12:22 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा।
🧭 गणेश प्रतिमा स्थापना की दिशा
धार्मिक मान्यता के अनुसार गणपति की प्रतिमा हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में स्थापित करनी चाहिए। मूर्ति का मुख उत्तर दिशा की ओर होना सबसे उत्तम माना जाता है।
☸ राहुकाल
कल दोपहर 12:22 से 1:59 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान गणेश प्रतिमा की स्थापना करना अशुभ माना गया है।
🚫 भूलकर भी न करें ये कार्य
राहुकाल में प्रतिमा की स्थापना न करें।
गणेश जी की दृष्टि घर के बाहर की ओर न रखें।
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें।
पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है।
घर में केवल एक ही गणेश प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए।
गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल भक्तों के लिए नई ऊर्जा और खुशहाली का संदेश लेकर आता है। इस बार भी भक्तगण श्रद्धा और आस्था के साथ ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच विघ्नहर्ता गणपति का स्वागत करेंगे।
