
जमशेदपुर।स्वदेशी मेला के अंतर्गत आज मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 70 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में पारंपरिक कला और रचनात्मकता का सुंदर संगम देखने को मिला।
इसके साथ ही “सनातन संस्कृति एवं नई चेतना” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विकास और स्वदेशी भावना के महत्व पर सार्थक चर्चा हुई।

सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिंदुस्तान अखबार के संपादक श्री गणेश मेहता, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुधांशु ओझा, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री मानव केडिया एवं सचिव श्री पुनीत कौनटिया उपस्थित रहे।
मख्य अतिथि गणेश मेहता ने कहा कि —
> “आज के समय में जब ऑनलाइन मार्केट और भौतिकवाद हम पर हावी हैं, तब भी स्वदेशी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है — यह वास्तव में प्रशंसनीय है। जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था — ‘आत्मा कभी मरती नहीं है।’
अगर हम मानें कि हमारा शरीर देश है, तो ‘स्वदेश’ उसकी आत्मा है। इसलिए हमें इस स्वदेशी रूपी आत्मा को जीवित रखना ही होगा।
उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए स्वदेशी को बचाना और बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।
भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि —
> “आज भारत दुनिया के शीर्ष देशों में गिना जा रहा है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी आज़ादी बड़ी कठिन लड़ाई से मिली थी। जब हम विदेशी वस्तुओं पर निर्भर होते हैं, तब वास्तव में हम अपनी ही अर्थव्यवस्था को कमजोर करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने यह संकल्प लिया है कि हम वही वस्तुएँ उपयोग करेंगे जो हमारे देश में निर्मित हों।”
उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक मानसिकता है —
देश के लिए, देश में और देश द्वारा निर्मित हर वस्तु का सम्मान ही सच्चा स्वदेशी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि यह मेला न केवल संस्कृति और परंपरा को जीवित रखता है, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है