झोपड़ी टूटने के बाद मुआवजे की मांग, दो बच्चों संग खुले आसमान तले रहने को मजबूर महिला

आदित्यपुर : 60 हजार रुपये के विवाद को लेकर झोपड़ी तोड़े जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद पीड़िता महिला अपने दो बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बताई जा रही है। पीड़िता ने प्रशासन से मुआवजा और सहायता की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की राहत नहीं मिलने की बात कही जा रही है।

पीड़िता पार्वती किस्कू का आरोप है कि उनसे कथित तौर पर 60 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। उनका कहना है कि जब उन्होंने रुपये देने से इनकार किया, तो बारी सोरेन द्वारा उनकी झोपड़ी को तोड़ दिया गया। इस घटना में पीड़िता ने लगभग 22 हजार रुपये के नुकसान का दावा किया है।
पार्वती किस्कू ने बताया कि झोपड़ी टूटने के बाद उनके सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि अब वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इस घटना के बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मदद और नुकसान की भरपाई की मांग की है।
वहीं, दूसरी ओर बारी सोरेन ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए उन्हें निराधार करार दिया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सत्य नहीं हैं।
मामले में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके।
फिलहाल, पीड़िता प्रशासन से मुआवजे और राहत की उम्मीद लगाए बैठी है, जबकि यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है




